पिता कबीर साहेब जी

माता पिता भगवान नहीं है। क्योंकि वे तो जन्म मरण के 
चक्कर में है।
तथा भगवान तो वे जो पूर्ण अविनाशी परमात्मा है।
उनका नाम कबीर साहेब है 
तथा सतलोक में रहते है।

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